| क्र.सं.
|
एजेंसी का नाम |
एम.ओ.यू. की तिथि |
उद्देश्य |
| 1 |
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय |
25-अक्टूबर-2016 |
नौरोजी नगर, नेताजी नगर और सरोजिनी नगर जीपीआरए कालोनियों ,नई दिल्ली का पुनर्विकास |
| 2 |
एम्स, नई दिल्ली |
17-जनवरॶ-2017 |
एम्स, नई दिल्ली के पश्चिम अंसारी नगर और आर्युर्विज्ञान नगर में दो आवासीय कॉलोनियों का पुनर्विकास |
| 3 |
इंडिया ट्रेड प्रमोशन आर्गेनाइजेशन |
29-मार्च-2017 |
प्रगति मैदान, नई दिल्ली में प्रदर्शनी और सम्मेलन केन्द्र |
| 4 |
वाणिज्य विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार |
02-अगस्त-2018 |
दुबई (यूएई) में वर्ल्ड एक्सपो 2020 के लिए भारतीय पवेलियन का निर्माण |
| 5 |
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, पी.एम.एस.एस.वाई. प्रभाग, भारत सरकार |
25-सितंबर-2018 |
‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पी.एम.एस.एस.वाई.)’ के अंतर्गत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान कोठीपुरा, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के लिए ईपीसी संविदा मोड के तहत अनुरक्षण (दोष दायित्व अवधि के दौरान) आदि सहित भवनों और एस्टेट सेवाओं की आयोजना, निष्पादन / निर्माण, फर्नीचर, आई.टी. (नेटवर्किंग), कमीशनिंग। |
| 6 |
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, पी.एम.एस.एस.वाई. प्रभाग, भारत सरकार |
03-जनवरॶ-2019 |
‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पी.एम.एस.एस.वाई.)’ के अंतर्गत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान कोठीपुरा, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के लिए ईपीसी संविदा मोड के तहत अनुरक्षण (दोष देयता अवधि के दौरान) आदि सहित भवनों और एस्टेट सेवाओं की आयोजना, निष्पादन / निर्माण, फर्नीचर, आई.टी. (नेटवर्किंग), कमीशनिंग। |
| 7 |
दिल्ली विकास प्राधिकरण |
18-फ़रवरी-2019 |
सेक्टर-20 द्वारका, नई दिल्ली में भारत वंदना पार्क का विकास |
| 8 |
भारतीय प्रबंध संस्थान विशाखापत्तनम |
26-जून-2019 |
आई.आई.एम. विशाखापत्तनम के स्थायी परिसर (चरण- I) कार्यों के विकास के लिए पीएमसी सेवाएं प्रदान करना |
| 9 |
दिल्ली विकास प्राधिकरण |
09-दिसंबर-2019 |
कड़कड़डूमा में 30 हेक्टेयर भूमि पर टीओडी मानदंडों के आधार पर पूर्वी दिल्ली हब का एकीकृत विकास |
| 10 |
भारतीय प्रबंध संस्थान संबलपुर, ओडिशा |
12-सितंबर-2019 |
आई.आई.एम. संबलपुर के स्थायी परिसर चरण-I कार्यों का विकास |
| 11 |
एन.आई.टी. पटना |
05-मार्च-2021 |
“एन.आई.टी. पटना (बिहटा परिसर), पटना में संस्थान परिसर, छात्रावास और आवासीय भवनों आदि के निर्माण और विकास का पर्यवेक्षण” |