08 मार्च
2026
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 07 जीपीआरए कॉलोनियों के पुनर्विकास के अंतर्गत प्रमुख आवासन और कार्यालय अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।
शहरी अवसंरचना विकास में एनबीसीसी अनूठी पुनर्विकास गाथा रच रहा है।
प्रमुख विशेषताएं
• प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 2,700 से अधिक नवनिर्मित सरकारी फ्लैटों और महत्वपूर्ण कार्यालय अवसंरचनाओं का उद्घाटन किया।
• 6,600 से अधिक अतिरिक्त जीपीआरए फ्लैटों और भारत बिजनेस पार्क के कार्यालय टावरों की आधारशिला रखी गई।
• सामाजिक अवसंरचना सहित 7जीपीआरए कॉलोनियों के पुनर्विकास से लगभग 65.42 लाख वर्गमीटर के निर्मित क्षेत्रफल में 21000 से अधिक आधुनिक आवासीय इकाइयाँ सृजित होने की उम्मीद है।
• 7जीपीआरए परियोजना से अब तक 3.55 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ है।
• एनबीसीसी द्वारा विकसित अद्वितीय मॉडल, वाणिज्यिक निर्मित क्षेत्रफल के मुद्रीकरण के माध्यम से स्व-वित्तपोषण मॉडल पर पुनर्विकास कार्य का दायित्व लिया गया है।
• यह पहल आधुनिक सरकारी आवास, शहरी अवसंरचना और राजकोष के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
• अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री ने महिला श्रमजीवियों से बातचीत की और कुछ महिला आबंटियों को आबंटन की चाबियां सौंपीं। एनबीसीसी की महिला कर्मचारियों को माननीय प्रधानमंत्री को 7 जीपीआरए परियोजना के बारे में जानकारी देने का सुअवसर मिला।
• इस महत्वपूर्ण अवसर को मनाने हेतु एनबीसीसी की महिला कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की एक प्रमुख शहरी पुनर्विकास पहल के अंतर्गत दिल्ली में चल रहे 7 जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कॉलोनियों के पुनर्विकास के तहत कई आवासीय और कार्यालय अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
माननीय प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं का उद्घाटन करने से पूर्व श्री मनोहर लाल, आवासन और शहरी कार्य एवं विद्युत मंत्री तथा श्री श्रीनिवास कटिकिथला, सचिव, आवासन और शहरी कार्य के साथ सरोजिनी नगर स्थित जीपीआरए स्थल का दौरा किया। उन्हें साईट पर एनबीसीसी की महिला अधिकारियों द्वारा जीपीआरए परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। बाद में उन्होंने परियोजना में कार्यरत महिला श्रमजीवियों से मुलाकात की और कुछ महिला आबंटियों को आबंटन की चाबियां सौंपी। इस कार्यक्रम के दौरान सरोजिनी नगर, जीपीआरए कॉलोनी में डॉ. श्री के.पी. महादेवास्वामी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी, श्री रवि कुमार अरोड़ा, संयुक्त सचिव, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, श्री सतिंदर पाल सिंह, महानिदेशक, सीपीडब्ल्यूडी, एनबीसीसी के निदेशकगण, मुख्य सतर्कता अधिकारी तथा बड़ी संख्या में एनबीसीसी की महिला अधिकारियों सहित एनबीसीसी के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
साईट निरीक्षण के बाद, माननीय प्रधानमंत्री ने बुराड़ी, दिल्ली से वर्चुअल माध्यम द्वारा 7 जीपीआरए परियोजनाओं का औपचारिक उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर श्री मनोहर लाल, आवासन और शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री; श्री विनय कुमार सक्सेना, माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली; श्रीमती रेखा गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी); श्री तोखन साहू, माननीय राज्य मंत्री, आवासन और शहरी कार्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 05 जुलाई, 2016 को अनुमोदित पुनर्विकास कार्यक्रम को एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड, नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम और सीपीडब्ल्यूडी द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में आधुनिक, संधारणीय सरकारी आवासों का निर्माण करना और इष्टतम भूमि उपयोग करना है।
7जीपीआरए कार्यक्रम के तहत लगभग 32,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 21,000 से अधिक सरकारी आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। पुनर्विकास की जा रही कॉलोनियों में मोहम्मदपुर, त्यागराज नगर, कस्तूरबा नगर, श्रीनिवासपुरी, नौरोजी नगर, सरोजिनी नगर और नेताजी नगर शामिल हैं।
इनमें से तीन कॉलोनियां- सरोजिनी नगर, नेताजी नगर और नौरोजी नगर- का कार्यान्वयन एनबीसीसी द्वारा किया जा रहा है, जबकि सीपीडब्ल्यूडी कस्तूरबा नगर, त्यागराज नगर, श्रीनिवासपुरी और मोहम्मदपुर में पुनर्विकास कार्यान्वित कर रहा है। 7 जीपीआरए के पुनर्विकास के परिणामस्वरूप कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 65.42 लाख वर्गमीटर होने की उम्मीद है। एनबीसीसी ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का निर्माण पूरा करके नौरोजी नगर का पुनर्विकास पहले ही पूर्ण कर लिया है, जिसका उद्घाटन जनवरॶ 2025 में किया गया था।
माननीय प्रधानमंत्री ने सरोजिनी नगर और कस्तूरबा नगर, नई दिल्ली में जीपीआरए क्वार्टर्स तथा नेताजी नगर, नई दिल्ली में जनरल पूल कार्यालय आवास के तीन टावरों का उद्घाटन किया। इन उद्घाटन परियोजनाओं से सरकारी आवास और कार्यालय पूल में 2,700 से अधिक आधुनिक आवासीय इकाइयां और महत्वपूर्ण कार्यालय अवसंरचनाओं में वृद्धि हो जाएगी। उद्घाटन के अलावा, नेताजी नगर, सरोजिनी नगर, श्रीनिवासपुरी और कस्तूरबा नगर में 6600 से अधिक जीपीआरए फ्लैटों और सरोजिनी नगर में भारत बिजनेस पार्क के 8 टावरों का शिलान्यास भी किया गया।
एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्वारा सरोजिनी नगर, नई दिल्ली में विकसित भारत बिजनेस पार्क, आधुनिक वाणिज्यिक कार्यालय परिसर है जिसे संधारणीय और ऊर्जा-कुशल सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय कार्यालय अवसंरचना प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कार्यस्थल की कार्यक्षमता, सुरक्षा और संधारणॶयता के समकालीन मानकों को प्राप्त करने के लिए विकसित इस परियोजना में वाणिज्यिक कार्यालय स्थान का लगभग 2.17 लाख वर्गमीटर का कुल निर्मित क्षेत्रफल शामिल है।
भवन सेवाओं का कुशल प्रचालन और अनुवीक्षण सुनिश्चित करने हेतु इस परिसर में ऊर्जा-कुशल चिलर और इंटेलिजेंट भवन प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) द्वारा समर्थित केंद्रीकृत वातानुकूलन प्रणाली लगाई जाएगी। इसमें अग्नि सुरक्षा प्रणाली, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली और एकीकृत सीसीटीवी निगरानी सहित उन्नत सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी। अधिभोगियों के लिए निर्बाध प्रचालन सुनिश्चित करने हेतु यह सुविधा डीजी सेट और यूपीएस सिस्टम के माध्यम से 100 प्रतिशत पावर बैकअप प्रदान करेगी। संधारणीय विकास कार्य पद्धतियों के अनुसरण में, इस परियोजना में सोलर रूफटॉप पैनल, ऊर्जा अनुवीक्षण प्रणाली, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधाएं और 17 वर्षा जल संचयन रिचार्ज पिट्स शामिल होंगे। यह इमारत GRIHA मानक के अनुरूप डिज़ाइन की गई है, जो हरित भवन मानकों के अनुपालन को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, इस परिसर में अधिभोगियों और आगंतुकों के लिए पर्याप्त पार्किंग अवसंरचना प्रदान करते हुए 2,800 से अधिक वाहनों को पार्क करने की क्षमता वाले तीन मंजिला बेसमेंट पार्किंग की सुविधा है। एनबीसीसी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में शुरू की गई महत्वपूर्ण वाणिज्यिक अवसंरचना परियोजनाओं में से एक, भारत बिजनेस पार्क परियोजना का अनुमानित मूल्य लगभग ₹2,270 करोड़ है।
यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि एनबीसीसी पुनर्विकास मॉडल में अग्रणी रहा है। सरकारी आवासों के पुनर्विकास की यात्रा न्यू मोतीबाग और ईस्ट किदवई नगर की सफल परियोजनाओं के साथ शुरू हुई।
जीपीआरए पुनर्विकास कार्यक्रम एनबीसीसी द्वारा विकसित एक नवोन्मेषी स्व-संधारणीय पुनर्विकास मॉडल का अनुसरण करता है। इस दृष्टिकोण के तहत, पुरानी सरकारी कॉलोनियों को आधुनिक आवासीय परिसरों में पुनर्विकसित किया जाता है, वाणिज्यिक परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण किया जाता है और उससे प्राप्त राजस्व का उपयोग पुनर्विकास के वित्तपोषण में किया जाता है। यह मॉडल सरकारी बजट पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना बड़े पैमाने पर पुनर्विकास को सक्षम बनाता है और एक ऐसा ढांचा प्रदान करता है जिसे भारत के अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है। भारत सरकार के लिए एनबीसीसी सभी 7जीपीआरए परियोजनाओं को पूरा करने हेतु, जिनमें सीपीडब्ल्यूडी द्वारा निष्पादित परियोजनाएं भी शामिल हैं, निधि सृजित कर रहा है।
निर्माण और वित्तीय क्षेत्र में अब तक निरंतर प्रगति हासिल करने के साथ जीपीआरए की 7 कॉलोनियों का पुनर्विकास तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। अभी तक, सभी 7 कॉलोनियों में 25 लाखवर्ग मीटर से अधिक का निर्मित क्षेत्रफल (बीयूए) पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।
पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत अब तक 7 कॉलोनियों में 3.55 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार सृजित किया गया है, जिसमें से एनबीसीसी ने अपनी तीन आबंटित कॉलोनियों में 3 करोड़ से अधिक मानव-दिवस का रोजगार सृजित किया है। इन कॉलोनियों में, एनबीसीसी द्वारा निष्पादित सरोजिनी नगर का पुनर्विकास में सबसे बड़ा हिस्सा है, उसके बाद नेताजी नगर और कस्तूरबा नगर है, जो इस कार्यक्रम के तहत बनाए जा रहे व्यापक आवासीय और वाणिज्यिक अवसंरचना को दर्शाता है।
जीपीआरए कॉलोनियों का पुनर्विकास राष्ट्रीय राजधानी में शुरू की गई सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास पहलों में से एक है, जो निर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में विकास को गति प्रदान करते हुए आधुनिक सरकारी आवास, बेहतर शहरी अवसंरचना, रोजगार सृजन और सरकारी खजाने में पर्याप्त राजस्व का योगदान प्रदान करता है।