कंपनॶ
1960 में भारत सरकार के सिविल इंजीनियरिंग उद्यम के रूप में स्थापित, एनबीसीसी का मुख्यालय दिल्ली में है और आज यह नवरत्न सीपीएसई की स्थिति रखता है तथा यह अपनी क्षमताओं, अभिनव दृष्टिकोण, गुणवत्ता के उच्चतम मानक का पालन, समय पर सुपुर्दगी और एक समर्पित कार्यबल के कारण निर्माण क्षेत्र में निर्विवाद लीडर के रूप में उभरा है।
एनबीसीसी का प्रचालन के वर्तमान क्षेत्रों निम्नलिखित तीन (03) मुख्य खंड शामिल हैं:
- परियोजना प्रबंधन परामर्श (पीएमसी) टर्नओवर का 92%: संस्थागत, आवासन और औद्योगिक क्षेत्र | सरकारी कॉलोनियों और रिक्त भूखंड का पुनर्विकास कार्य | सड़कें, अस्पताल, चिकित्सा महाविद्यालय, कार्यालय, हवाई अड्डे, पुल | विदेशों में कार्य
- इंजीनियरिंग अधिप्राप्ति एवं निर्माण (ई पी सी):इंजीनियरी अधिप्राप्ति और निर्माण (ईपीसी) टर्नओवर का 6%: विद्युत क्षेत्र के लिए सिविल एवं संरचनात्मक कार्य | चिमनी और कूलिंग टावर्स
- रियल एस्टेट विकास टर्नओवर का 2% : वाणिज्यिक / निगमित कार्यालय भवन | टाउनशिप और रिहायशी अपार्टमेंट
विशाल बाजार पूंजीकरण के साथ, एनबीसीसी को दोनों भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के साथ सूचीबद्ध किया गया है ।
2002-03 के बाद से कंपनॶ ने पर्याप्त वृद्धि दर्ज की है और वित्त वर्ष 2002-03 में 501 करोड़ रुपये के मामूली कारोबार के मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी शीर्ष रेखा 10,666.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है ।
हाल ही में, एनबीसीसी ने अपने पीएमसी खंड के तहत सरकारी संपत्तियों के पुनर्विकास नामक नए व्यापार क्षेत्र में प्रवेश किया। इस क्षेत्र में दिल्ली के न्यू मोतीबाग जीपीआरए कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास नामक पहली परियोजना को कंपनॶ द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसकी काफी सराहना हुई, यह कंपनॶ के लिए इस क्षेत्र में एक के बाद आगे और अवसरों को खोलने के साथ ही अंततः इसके प्रचालन में मुख्य केंद्र बिंदु क्षेत्र बन गया है।
कंपनॶ की सहायक कंपनियाँ
एनबीसीसी ने निम्नलिखित सहायक कंपनियों की स्थापना की है:
- (i) 1. एनबीसीसी सर्विसेस लिमिटेड (एन.एस.एल.) : सेवार्थियों को निर्माण पश्चात अनुरक्षण सेवाएं प्रदान करने के लिए। एनबीसीसी इंजीनियरिंग एंड कंसल्टेंसी लि.
- (ii) एनबीसीसी डी.डब्ल्यू.सी.-एल.एल.सी : वर्ष 2021 में दुबई में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो-2020 में इंडिया पवेलियन की संकल्पना, डिजाइन और निर्माण के लिए।
- (iii) रियल एस्टेट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन ऑफ राजस्थान लिमिटेड (आर.ई.डी.सी.सी.ओ.आर.) : राजस्थान में विभिन्न पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए अवसरों का अन्वेषण करना।
- संपूर्ण भारत में एकीकृत इस्पात संयंत्रों के कार्यान्वयन के व्यवसाय को क्रियान्वित करना।
- (v) एच.एस.सी.सी. (इंडिया) लिमिटेड : यह एक बहु-विषयक संगठन है जो अस्पताल आयोजना, डिज़ाइन, विस्तृत इंजीनियरी, गुणवत्ता नियंत्रण, परियोजना प्रबंधन और अनुवीक्षण सहित चिकित्सा उपस्करों की अधिप्राप्ति, आपूर्ति, संस्थापना और कमीशनिंग के क्षेत्र में व्यापक परामर्श सेवाएं प्रदान करने में कार्यरत है।.
वैश्विक पहचान
एनबीसीसी ने लीबिया, इराक, यमन, नेपाल, मालदीव, मॉरीशस, तुर्की, बोत्सवाना जैसे देशों में विविध प्रकृति की परियोजनाओं को निष्पादित करते हुए वर्ष 1977 में विदेशी परिचालनों में प्रवेश किया। वर्तमान में, कंपनॶ की मालदीव, तुर्की और बोत्सवाना उपस्थिति है और वहाँ यह विभिन्न परियोजनाओं को कार्यान्वित और लगातार राजस्व अर्जित कर रही है। हाल ही में, कंपनॶ ने ओमान में एक कार्यालय खोला है और ओमान सल्तनत और पड़ोसी देशों में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को संयुक्त रूप से तलाशने और प्राप्त करने के लिए ओमान में अल नाबा सर्विसेज एलएलसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। विदेशों में अपनी संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए, कंपनॶ ने निर्माण उद्योग डेवलेपमेंट बोर्ड होल्डिंग्स, मलेशिया और फॉर्म यापी मालज़ेमेलेरी इंसाट समयाई टिकारेट लिमिटेड, तुर्की के साथ समझौता ज्ञापन आरंभ किया है।
कंपनॶ द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई कुछ उल्लेखनीय अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल हैं:
- माले, मालदीव गणराज्य में आतिथ्य और पर्यटन अध्ययन के इंडो मालदीव मैत्री संकाय का निर्माण
- माले, मालदीव गणराज्य में इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल का नवीनीकरण कार्य।
- 200 बिस्तर वाला इंदिरा गाँधी मेमोरियल हॉस्पिटल, माले, रिपब्लिक ऑफ मालदीव
- मीर हाउसिंग प्रोजेक्ट (300 रिहायशी यूनिटे), तुर्की
- इंदिरा गाँधी सेंटर फॉर इंडियन कल्चर, फीनिक्स, मॉरिशस
- मॉरीशस में नया सर्वोच्च न्यायालय भवन
- नियामे, नाइजर में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एमजीआईसीसी)
वर्तमान में एनबीसीसी द्वारा निष्पादन के अधीन कुछ प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाएं हैं:
- मारे टबाक और डागोटियर, मॉरीशस में सामाजिक आवासीय इकाइयाँ
- एडु, मालदीव में इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी एंड लॉ एनफोर्समेंट स्टडीज़ (आइल्स)
- ब्लांटायर, मलावी में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र
- लुसाका, ज़ुमिया में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र
- लिब्रेविल, गैबॉन में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र
- बंजुल, गाम्बिया में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र
- मोनरोविया, लाइबेरिया में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र
- औगाडौगौ, बुर्किना फासो में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र
- लोम, टोगो में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र
- जिजन, युगांडा में महात्मा गांधी सांस्कृतिक और विरासत केंद्र
- हाउस अटॉर्नी जनरल (एजी) के लिए पुलिस हेड-क्वार्टर, नए कार्यालय ब्लॉक का निर्माण
माहे, सेशेल्स में हाउस सरकारी कार्यालयों और सेवाओं के लिए कार्यालय तथा परिसर का निर्माण
- दुबई एक्सपो 2020 में इंडियन पैवेलियन
गत वर्ष की माइलस्टोन परियोजनाएँ
एनबीसीसी 1960 से संस्थागत, आवासीय, औद्योगिक और पर्यावरण, परिवहन, बिजली इत्यादि जैसे क्षेत्रों में विविध परियोजनाओं के निष्पादन में शामिल है और यद्यपि सीएसआर निधियों से नहीं, विभिन्न सार्वजनिक कल्याण की परियोजनाओं को भी कंपनॶ द्वारा लिया और पूरा किया गया है ।
अपने मजबूत सुपुर्दगी प्रणाली के माध्यम से, कंपनॶ ने पर्यावरण क्षेत्र में प्रमुख माइलस्टोन परियोजनाएं पूरी की हैं जहां नागरिक मुख्य लाभार्थी रहे हैं। इस तरह की परियोजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), प्रमुख शहरों के सीवरेज नेटवर्क, जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी), कच्चे पानी की मुख्य नली सहित जल आपूर्ति नेटवर्क, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं।
एनबीसीसी द्वारा पूर्ण की गई कुछ प्रतिष्ठित परियोजनाएं जिनका विशेष उल्लेख किया जाना आवश्यक है, उनमें शामिल हैं:
क. नई दिल्ली में परियोजनाएं
- एकीकृत प्रदर्शनी सह सम्मेलन केंद्र (भारत मंडपम), प्रगति मैदान, नई दिल्ली
- नया एसपीजी कॉम्प्लेक्स, द्वारका, नई दिल्ली
- 235 मीटर ऊंचा टीवी टावर, नई दिल्ली की सबसे ऊंची और भारत की 15वीं सबसे बड़ी संरचना
- ईएसआईसी चिकित्सा महाविद्यालय, कोयंबटूर
- दिल्ली के न्यू मोती बाग जीपीआरए कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास, सबसे बड़ा आईजीबीसी प्रमाणित ग्रीन होम कॉम्प्लेक्स (हरित भवन परिसर)
- दिल्ली मेट्रो के लिए कनॉट प्लेस से कीर्ति नगर विस्तार, नई दिल्ली तक एलिवेटेड वाया-डक्ट
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मुख्यालय, नई दिल्ली
- सिविल सेवा अधिकारी संस्थान, नई दिल्ली
- डीएमआरसी का सीलमपुर मेट्रो स्टेशन (दिल्ली मेट्रो का पहला स्टेशन)
- गरवी गुजरात भवन, अकबर रोड, नई दिल्ली
- कौशल भवन, न्यू मोती बाग, नई दिल्ली
- वाणिज्य भवन, अकबर रोड, नई दिल्ली
- बीपीआरएंडडी और एनसीआरबी मुख्यालय महिपालपुर, नई दिल्ली
- सीबीएसई परियोजना, द्वारका, नई दिल्ली
- इंडिया गेट, नई दिल्ली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा की आयोजना, डिजाइन एवं निष्पादन
- डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली
- एनडीएमए भवन, सफदरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली
- राष्ट्रीय पुलिस स्मारक, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली
- एनआईए सह आरटीसी, आसूचना ब्यूरो, द्वारका, नई दिल्ली
ख. हरियाणा में परियोजनाएं
- अमृत (पूर्ववर्ती नाम जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन) (जेएनएनयूआरएम), फ़रीदाबाद, हरियाणा
- भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान भवन, मानेसर, हरियाणा
- राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम), कुंडली, सोनीपत
- हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़
- गुड़गांव में एमएनआरई के लिए सौर ऊर्जा केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गृह रेटेड ऊर्जा दक्ष प्रशासनिक भवन और गेस्ट हाउस तथा कैफेटेरिया का निर्माण
ग. हिमाचल प्रदेश में परियोजनाएं
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मंडी, हिमाचल प्रदेश
घ. बिहार/झारखंड में परियोजनाएं
- अमृत (पूर्ववर्ती नाम जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन) (जेएनएनयूआरएम), बिहार
- भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रांची, झारखंड
ड. ओडिशा में परियोजनाएं।
- कौशल विकास केंद्र, भुवनेश्वर, ओडिशा
- आईएसपीएटी पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल इंस्टीट्यूट और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, राउरकेला, ओडिशा
- भारतीय प्रबंधन संस्थान, संबलपुर, ओडिशा
- ब्लैक डायमंड संग्रहालय भवन, अंगुल, ओडिशा
- सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, राउरकेला
च. पश्चिम बंगाल में परियोजनाएं
- कोलकाता में 2400 सीटों वाला समागार
- न्यू टाउन, कोलकाता में राष्ट्रीय बीमा निगम लिमिटेड के लिए नए कॉर्पोरेट कार्यालय भवन का निर्माण
छ. आंध्र प्रदेश/तेलंगाना में परियोजनाएं
- भारतीय प्रबंधन संस्थान, विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
- सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद
- नेशनल इंटेलिजेंस अकादमी, हैदराबाद
- 120 फीट ऊंचे लकड़ी के फ्लैग पोस्ट की प्रतिकृति, राष्ट्रपति निलयम, हैदराबाद
ज. कर्नाटक में परियोजनाएं
- मैसूर हवाई अड्डा, बेंगलुरु
- बायोटेक पार्क परियोजना, बेंगलुरु
- कर्नाटक व्यापार संवर्धन संगठन (केटीपीओ), बेंगलुरु
झ. तमिलनाडु में परियोजना
- यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनॶ लिमिटेड, व्हाइट्स रोड, चेन्नै
- नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएलसीएल) के लिए कॉर्पोरेट कार्यालय भवन, किलपौक, चेन्नै
ञ. केरल में परियोजना
- आयकर भवन (आयकर भवन), कोच्चि
- सीबीआई के लिए कार्यालय सह रिहायशी परिसर, तिरुवनंतपुरम, केरल
ट. पूर्वोत्तर क्षेत्र में परियोजना
- चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, गुवाहाटी, असम
- राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, जोरहाट, असम
- आयकर भवन, गुवाहाटी
- त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अगरतला, त्रिपुरा
ठ. उत्तर प्रदेश में परियोजना
- रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (प्रशासनिक एवं शैक्षणिक भवन) का विकास, झांसी
- नया आयकर भवन, लखनऊ
- सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट होम्योपैथी, लखनऊ
- ट्रेड फैसिलिटी सेंटर, वाराणसी
- भारतीय कौशल संस्थान, कानपुर
- (CIHTS), सारनाथ में सीटीई भवन
ड. उत्तराखंड में परियोजना
- सांस्कृतिक केंद्र देहरादून-सभागार एवं संग्रहालय कार्य, देहरादून
- नया विधानसभा भवन, गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड
- नाबार्ड भवन, देहरादून
ढ. महाराष्ट्र/गोवा में परियोजना
- गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना (वीआईडीसी), नागपुर
- केन्द्रीय जीएसटी परिसर (रिहायशी परियोजना), नवी मुंबई
- विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी), नागपुर
- आयकर (रिहायशी परियोजना), पुणे
- गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, मडगांव, गोवा
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, मोपा, गोवा
ण. जम्मू-कश्मीर/लद्दाख में परियोजना
- कन्वेंशन सेंटर, गुलमर्ग, कश्मीर
- एसएमवीडीयू, कटरा
त. अखिल भारतीय आधार पर अनेक स्थानों पर परियोजनाएं
- भारत-बांग्लादेश और भारत-पाक सीमा पर बाड़ लगाने से भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को सुरक्षित करने में प्रमुख योगदान।
-
कंपनॶ द्वारा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और ओडिशा में "प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना" (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत अविकसित और दूरदराज के क्षेत्रों में ग्रामीण सड़कों के विकास से गांवों का मुख्य शहरों और कस्बों से बेहतर संपर्क, उपार्जन क्षमता और आजीविका में सुधार, बड़े पैमाने पर ग्रामीणों की शिक्षा और साक्षरता के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ना आदि में योगदान।
- मुरादनगर (उत्तर प्रदेश) से सोनिया विहार (दिल्ली) तक 30 किलोमीटर लम्बी, 270 क्यूसेक, हॉरिज़ान्टल स्लिपफॉर्म प्रणाली के साथ प्री-स्ट्रेस्ड पाइप लाइन
- देश भर में स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाएं
- • अखिल भारतीय वृहद वाणिज्यिक और रिहायशी रियल एस्टेट परियोजनाएं।
- ईएसआईसी अस्पताल, चेन्नै, जयपुर, मानेसर, तिरुनेलवेली, अहमदाबाद, गुड़गांव मुंबई और लखनऊ
- ईएसआईसी चिकित्सा महाविद्यालय, मंडी, मुंबई और चेन्नई (के.के. नगर)
- ईएसआईसी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, बिहटा (पटना) और कोयम्बटूर
- ईएसआईसी डिस्पेंसरी, फरीदाबाद, करनाल, हिसार, मुरथल, अहमदाबाद
- बीएसएफ परिसर, तिगरी, छावला, इंदौर, शोलापुर, कश्मीर, गया, चाकुर
- सीआईएसएफ परिसर, महिपालपुर, ग्रेटर नोएडा और प्रयागराज
- सीआईएसएफ रिजर्व बटालियन, गाजियाबाद, शिवगंगा और रांची
- सीआरपीएफ परिसर, ग्रेटर नोएडा, सोनीपत, काठगोदाम, लातूर, शिवपुरी और जगदलपुर
- नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (नैटग्रिड), नई दिल्ली और बंगलौर
- एनटीपीसी के कूलिंग टावर्स, मौदा, रिहंद, फरक्का और विंध्याचल
- खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं, फ़रीदाबाद, चेन्नै, कोलकाता और मुंबई
- फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशालाएं, भोपाल, पुणे और गुवाहाटी
- सीआईपीआर (पेटेंट), चेन्नै और आईपीओ, द्वारका, नई दिल्ली
- एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता, मुंबई, चेन्नै और हैदराबाद
थ. विदेशी परियोजनाएं
- नया सुप्रीम कोर्ट भवन, मॉरीशस
- सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन संस्थान, मालदीव्स
- महात्मा गांधी कन्वेंशन सेंटर (एमजीसीसी), नाइजर
- इंडिया पवेलियन, वर्ल्ड एक्सपो, दुबई
- सामाजिक आवास परियोजनाएं, मॉरीशस
कुछ प्रतिष्ठित चालू परियोजनाओं में निम्नलिखित शामिल हैं जिन्हें विशेष उल्लेख की आवश्यकता है:
क.नई दिल्ली में परियोजनाएं।
- जीपीआरए कॉलोनी का पुनर्विकास, सरोजिनी नगर, नई दिल्ली
- जीपीआरए कॉलोनी का पुनर्विकास, नेताजी नगर, नई दिल्ली
- किदवई नगर (पूर्व) का पुनर्विकास, नई दिल्ली
- आयुर्विज्ञान नगर का पुनर्विकास, एम्स, नई दिल्ली
- जीपीआरए कॉलोनी का पुनर्विकास, नौरोजी नगर, नई दिल्ली
- एम्स पश्चिमी परिसर, अंसारी नगर, नई दिल्ली का पुनर्विकास
- डब्ल्यूएचओ बिल्डिंग, आईपी एस्टेट, नई दिल्ली का पुनर्विकास
- पूर्वी दिल्ली हब, कड़कड़डूमा, नई दिल्ली का निर्माण
- एमईए आवास परिसर (पुराना) कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली का पुनर्विकास
- सीबीआई आवास परिसर, मैदानगढ़ी, नई दिल्ली
- भारत वंदना पार्क, द्वारका, नई दिल्ली
ख. ओडिशा में परियोजनाएं
- पीएमजीएसवाई कार्य, त्रिपुरा और ओडिशा।
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भुवनेश्वर
- विज्ञान अकादमी, जाजपुर, ओडिशा
- जाजपुर, ओडिशा में व्यासनगर नगरपालिका के अंतर्गत केएनडीए में शहरी वन का विकास
- उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर
ग. उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड में परियोजना
- आम्रपाली कार्य (अटकी परियोजनाएं) नोएडा और ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
- बीएचयू, वाराणसी
- जिला न्यायालय, देहरादून
- एनआईटी परिसर श्रीनगर, उत्तराखंड
घ. बिहार/झारखंड में परियोजना
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर, झारखंड
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना
- सीसीएल टाउनशिप, टंडवा, चतरा, झारखंड
ड़ आंध्र प्रदेश में परियोजना
- • राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
च. पश्चिम बंगाल में परियोजना
- • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर
छ. महाराष्ट्र में परियोजना
- भारत का राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार, पुणे
ज. राजस्थान में परियोजना
- मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उन्नयन, डूंगरपुर, राजस्थान
झ. हरियाणा में परियोजना
- सरकारी महिला चिकित्सा महाविद्यालय, खानपुर कला, सोनीपत, हरियाणा (चरण-III)
- आरईसी, गुड़गांव
ञ. पंजाब में परियोजना
- विभिन्न भवनों का निर्माण, नवीनीकरण और आशोधन, एनएसएनआईएस, पटियाला
ट. जम्मू-कश्मीर/लद्दाख में परियोजना
ठ. पूर्वोत्तर क्षेत्र में परियोजना
- राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय, इंफाल, मणिपुर
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गंगटोक, सिक्किम
ड़. अनेक स्थानों पर परियोजना
- भारत-बांग्लादेश सीमा बाड़ लगाना (आईबीबीएफ), असम, मिजोरम (डीटीआरएफ), त्रिपुरा और मेघालय
ढ. विदेशी परियोजनाएं
- 2000 सामाजिक आवास इकाइयाँ, मालदीव्स
- एफएसएल लैब्स, राष्ट्रीय अभिलेखागार और राष्ट्रीय पुस्तकालय, न्यू सिविल सर्विस कॉलेज और मॉरीशस पुलिस अकादमी, मॉरीशस
- भारतीय उच्चायोग के लिए चांसरी, रिहायशी और सांस्कृतिक केंद्र, सेशल्स
- चांसरी सह रिहायशी परिसर, जेद्दा, सऊदी अरब
एनबीसीसी का उल्लेखनीय कार्य-निष्पादन
अपने उल्लेखनीय कार्य-निष्पादन के कारण अनेक पुरस्कारों की विजेता कंपनॶ को वर्ष 2004 से भारत सरकार से लगातार “उत्कृष्ट” रेटिंग प्राप्त हो रही है।
अपनी समृद्ध विरासत की नींव के साथ, एनबीसीसी आज एक उज्ज्वल भविष्य को उकेर रहा है।