संधारणॶयता
सफलताओं की विरासत के साथ विशेष उपलब्धि न्यू मोती बाग में हासिल की है एनबीसीसी द्वारा संधारणीय विशेषताएँ जैसे शून्य अपशिष्ट, दोहरी पाइपिंग, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा का उपयोग, स्मार्ट विद्युत मीटरिंग , एलईडी / ऊर्जा कुशल फिक्चरिंग का भविष्य की सभी भविष्य की परियोजनाओं में उपयोग को अनिवार्य बनाया गया है। मुख्य परियोजनाएं निम्नलिखित हैं:
- किदवई नगर (पूर्व) का पुनर्विकास, जो सभी संधारणीय सुविधा और एक मिनी स्मार्ट शहर के साथ पहली मेगा परियोजना होगी ।
- सरोजनी नगर , नेताजी नगर और नौरोजी नगर में कालोनियों का पुनर्विकास।
- कड़कड़्डूमा में वाणिज्यिक-सह-आवासीय टावर, संजय झील में लेक व्यू आवासीय टावर ।
- एम्स के लिए 2 आवासीय कॉलोनियों आयुर्विज्ञान नगर में और पश्चिमी परिसर, सफदरजंग का पुनर्विकास ।
- आईपी एस्टेट में आईआईपीए परिसर का पुनर्विकास ।
हरित भवन
एनबीसीसी ने पिछले कुछ सालों में अपने सेवार्थियों के लिए हरित भवनों को निष्पादित किया है। मानेसर, हरियाणा में कारपोरेट मामलों के भारतीय संस्थान (कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत) पहला भवन है जिसे संकल्पित तथा 2012 में पूर्ण किया गया। इसके पश्चात कंपनी ने अपनी सभी भविष्य की परियोजनाओं में संधारणीय हरित विशेषताओं को अपनी नीति में निहित कर लिया है।इसके पश्चात के मुख्य भवन इस प्रकार हैं सिविल सेवा अधिकारी संस्थान, केंद्रीय जांच ब्यूरो मुख्यालय भवन, आयकर भवन, कोल इंडिया ऑफिस बिल्डिंग, सौर ऊर्जा राष्ट्रीय संस्थान भवन इत्यादि हैं। एनबीसीसी ग्रिहा अनुपालन और अपने ग्राहकों को पैसे के लिए मूल्य देने के लिए अब हरित सुविधाओं को पेश करने लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा है।
संधारणॶयता नीति